Australia
कमरे में सन्नाटा पसरा हुआ था।
बाहर समुद्र की ऊँची-ऊँची लहरें जहाज़ से टकराकर अजीब-सी आवाज़ पैदा कर रही थीं। आसमान पर काले बादल छाए हुए थे और बीच-बीच में बिजली चमक रही थी।
ओसियन बिना किसी भाव के बिस्तर से उठा।
उसकी नीली आँखों में वही बर्फ जैसी ठंडक थी। उसने सामने रखी अपने कपड़े पहने , वॉशरूम जाकर फ्रेश हुवा।
काले रंग का कोट कंधे पर डाला और कमरे की विशाल काँच की दीवार के सामने जाकर खड़ा हो गया।
उसकी नज़रें समुद्र पर थीं।
ऐसा लग रहा था मानो वो लहरों से बातें कर रहा हो।
पीछे खड़ी लड़की मुस्कुराते हुए उसके पास आई। और कहा "क्या सोच रहे हो, Ocean?"
ओसियन ने बिना उसकी तरफ देखे सिगार जलाया। और कहा "समुद्र..."
उसने धीमी आवाज़ में कहा।
"जब समुद्र शांत हो... तब सबसे ज़्यादा डरना चाहिए।"
लड़की कुछ समझ नहीं पाई।
तभी...
ट्रिंग... ट्रिंग...
टेबल पर रखा काले रंग का सैटेलाइट फोन बज उठा।
ओसियन ने स्क्रीन की तरफ देखा।
Caller ID देखकर उसकी आँखें हल्की सिकुड़ गईं।
उसने कॉल रिसीव की।
"Speak."
दूसरी तरफ से घबराई हुई आवाज़ आई।
"Boss... Mission Black Pearl..."
"क्या हुआ?"
"Mission... success हो गया।"
कुछ सेकंड तक कमरे में पूर्ण शांति रही।
फिर कॉल की दूसरी तरफ से आवाज आई पर boss एक गड़बड़ हो गई है । उस आवाज मै घबराहट था जैसे उसकी एक गलती और उसकी जान जा सकती थी ।
ओसियन की उँगलियाँ सिगार पर कस गईं।
Boss हमें जल्द से जल्द Project Mermaid... activate करना होगा
पहली बार उसकी भौंह हल्की-सी उठी।
"Confirmed?"
फोन के दूसरे साइड से कहा"Yes, Boss."
इतना सुनने के बाद ओसियन ने कुछ नहीं कहा बस फोन कट कर दिया ।
तभी वो लड़की उसके पास दोबारा आई और कुछ कहने को ही की तभी बिना उसे देख कहा "Olivia अपने dad के साथ ship मैं मौजूद सभी लोगों को ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचा देना । "
इतना कहकर वो वहां से जाने लगा तभी वो लड़की जो की Olivia थी ।
उसने ocean का हाथ पकड़ लिया वो कुछ आगे कहती उससे पहले ही ocean ने उसका हाथ झटका और अपनी ठंडी आंखों से उसे देखते हुए कहा " Olivia मैंने तुम्हें इतना हक नहीं दिया कि तुम मेरा हाथ इस तरह पकड़ो तुम्हें तो क्या मैं ये हक किसी को नहीं दिया और ना ही मैं कभी ये हक किसी को दूंगा क्योंकि मुझे ये पसंद ही नहीं है । "
Olivia ने तुरंत हाथ छोड़ दिया और उसके सामने आकर कहा " अच्छे से जानती हूं और सॉरी मैं बस जाना चाहती थी कि तुम कहां जा रहे हो । "
Ocean ने उसकी बात सुनी पर कोई जवाब नहीं दिया वो आगे बढ़ने लगा कि तभी Olivia ने फिर से कहा " Ocean, I really love you , मुझे तुम्हारी फिक्र होती है और तुम .....
वो कुछ आगे कहती उससे पहले ही ocean बिना उसकी तरफ देखे हुए अपनी ठंडी आवाज में कहा " मैं नहीं कहा था तुम्हें मुझसे प्यार करने के लिए और रही बात जो हमारे बीच है वो सिर्फ और सिर्फ मेरी जरूरत है उससे ज्यादा कुछ नहीं । "
और वहां से आगे बढ़ गया । कुछ दूर जाने के बाद वो फिर रुक और कहा " Olivia एक बात याद रखना इस ओसियन के जिंदगी में प्यार नाम का कोई चीज नहीं है । प्यार सिर्फ कमजोरी होती है । और मैं कमजोर नहीं हूं और ना कभी बनेगा । "
इतना कहकर ओसियन तेज कदमों से , बाहर आ गया और उसके बाहर आते ही एक चाॅपर उस पर लैंड हुआ । ओसियन इस चाॅपर में बैठा और देखते ही देखते वो चाॅपर आसमान में कहीं गुम हो गया ।
वही Olivia अभी भी room मै ही थी । उसने गहरी सांस ली और खुद से कहा " जानती हू ocean इसलिए तो सुकून है कि तुम अगर मुझसे प्यार नहीं करोगे तो किसी और से भी नहीं करोगे । और कभी अगर कोई तुम्हारे और मेरे बीच में आए भी तो मैं उसे खत्म कर दूंगी । "
कुछ देर कुछ सोचने के बाद वो रूम से बाहर निकली और अपने डैड को खोजने लगी । तभी उसके डैड उसके पास आते हुए दिखें ।
Olivia अपने डैड से कुछ कहती उससे पहले एक आदमी वहां पर आया और कहा " Raymond , Ocean अचानक से चला क्यों गया हमारी पार्टी तो तीन हफ्तों की थी ना । "
उस आदमी को answer करते हुए ओलिविया ने कहा " वो Ocean है , उसके पास बहुत सारे काम होते हैं । आप चिंता मत कीजिए बहुत जल्द आप सभी अपने अपने देश पहुंच जाएंगे । "
इतना कह के वे दोनों भी अपने-अपने रूम में चले गए ।
वहीं दूसरी तरफ , हेलीकॉप्टर समुद्र की तेज़ हवाओं को चीरता हुआ कंटेनर जहाज़ के ठीक ऊपर मंडरा रहा था।
ओशन की ठंडी, बर्फ जैसी नीली आँखें नीचे चल रहे हर एक मूवमेंट पर टिकी थीं।
उसके एक हाथ में लोडेड गन थी और दूसरे हाथ की उँगलियों के बीच आधी जली हुई सिगरेट सुलग रही थी। उसके कान में लगा ब्लूटूथ लगातार अपडेट दे रहा था।
"Boss... Target ship secured. सभी लोग अपनी-अपनी पोज़िशन पर हैं।"
ओशन ने बिना कोई जवाब दिए बस सिगरेट का आख़िरी कश लिया और उसे हवा में फेंक दिया।
अगले ही पल...
"Move!"
उसकी भारी आवाज़ गूँजी और वो सबसे पहले हेलीकॉप्टर से छलांग लगा दिया । उसके पीछे उसके दर्जनों हथियारबंद आदमी भी कंटेनर जहाज़ पर उतर गए।
जैसे ही उनके जूते जहाज़ के डेक से टकराए, पूरे जहाज़ पर अफरा-तफरी मच गई। दुश्मन के लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
ओशन ने अपनी गन सीधी सामने खड़े एक गार्ड की ओर तान दी। और कहा
"किसी ने भी भागने की कोशिश की... तो अगली साँस लेने का मौका नहीं मिलेगा।"
उसकी बर्फ जैसी ठंडी आवाज़ सुनकर पूरे जहाज़ पर सन्नाटा छा गया।
तभी ब्लूटूथ में फिर आवाज़ आई—
"Boss... Cargo Hold Number Three. असली माल वहीं छिपाया गया है।"
ओशन के होंठों पर एक हल्की, खतरनाक मुस्कान उभरी।
"चलो..."
उसका केवल एक शब्द सुनते ही उसके सभी आदमी कार्गो होल्ड की ओर बढ़ गए।
कार्गो होल्ड का दरवाज़ा धीरे-धीरे पूरी तरह खुल गया।
अंदर घना अंधेरा था। केवल ऊपर लगी एक टिमटिमाती पीली लाइट बीच-बीच में जल रही थी। हर बार रोशनी पड़ती, तो कंटेनरों के बीच किसी परछाई के हिलने का आभास होता... और अगले ही पल सब फिर अंधेरे में डूब जाता।
ओशन ने अपनी गन सीधी सामने तान दी।
"बाहर आओ... वरना मैं खुद अंदर आ रहा हूँ।"
कुछ सेकंड तक कोई जवाब नहीं आया।
फिर...
टप... टप... टप...
किसी के भारी जूतों की आवाज़ पूरे होल्ड में गूँजने लगी।
हर कदम के साथ सन्नाटा और गहरा होता जा रहा था।
ओशन के सभी आदमी ट्रिगर पर उँगली रखे खड़े थे। किसी की भी हिम्मत नहीं हो रही थी कि साँस तक ज़ोर से ले।
अचानक अंधेरे से एक आवाज़ आई—
"Ocean... आखिर तुम आ ही गए।"
आवाज़ में अजीब-सी ठंडक और आत्मविश्वास था।
ओशन की आँखें सिकुड़ गईं।
"नाम बताओ।"
हल्की-सी हँसी सुनाई दी।
"नाम जानकर क्या करोगे? आज के बाद दुनिया तुम्हें ज़िंदा याद नहीं रखेगी।"
इतना कहते ही...
धड़ाम!!
पूरा जहाज़ ज़ोर से हिल गया।
ऊपर कहीं विस्फोट हुआ था। धुएँ का गुबार वेंटिलेशन से अंदर भरने लगा। उसी पल कार्गो होल्ड की सारी लाइटें बुझ गईं।
चारों तरफ़ घना अंधेरा छा गया।
"Boss! ऊपर हमला हो गया है!" ब्लूटूथ में घबराई हुई आवाज़ गूँजी।
ओशन ने बिना देर किए आदेश दिया—
"टीम शार्क, ऊपर जाओ। टीम वेल वेल , मेरे साथ रहो। कोई भी इस होल्ड से बाहर नहीं जाएगा।"
तभी...
अंधेरे में किसी ने ओशन के बिल्कुल पास आकर फुसफुसाया—
"तुम जिस माल को लेने आए हो... वो यहाँ है ही नहीं।"
ओशन ने बिजली की तेजी से पीछे मुड़कर गन तानी।
ठाँय!
गोली चली...
लेकिन सामने कोई नहीं था।
केवल फर्श पर एक काला लिफाफा पड़ा था।
उस पर लाल रंग से सिर्फ़ कुछ शब्द लिखे थे—
"खोज सकते हो तो खोज लो"
ओशन ने लिफाफा उठाया। जैसे ही उसने उसे खोला, उसके ब्लूटूथ में उसके सबसे भरोसेमंद आदमी की घबराई हुई आवाज़ गूँजी—
"Boss... यह जाल था!
"Boss... जिस कंटेनर की हमें तलाश थी... वो इस जहाज़ पर नहीं है।"
उसके शब्द खत्म भी नहीं हुए थे कि उसने तेजी से टैबलेट की स्क्रीन पर नज़र दौड़ाई।
"वो कंटेनर... हमारे पीछे आ रहे तीन कार्गो शिप के बाद वाले जहाज़ पर है। और..." उसकी आवाज़ एक पल के लिए अटक गई, "इस पूरे शिप में हाई-ग्रेड विस्फोटक लगाए गए हैं। हमारे पास ज़्यादा समय नहीं है। अगर अभी नहीं निकले... तो कोई भी ज़िंदा नहीं बचेगा।"
ओशन की बर्फ़ जैसी ठंडी आँखें सिकुड़ गईं।
"सब लोग... तुरंत बाहर।"
उसके शब्द आदेश नहीं, मौत का फ़रमान टालने की आखिरी उम्मीद थे।
उसके सभी आदमी बिना एक सेकंड गंवाए दौड़ पड़े। पूरे जहाज़ पर अफरा-तफरी मच गई। पार्टी में डूबे लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही...
3... 2... 1...
BOOOOOMMMMM...!!!
एक कान फाड़ देने वाला धमाका हुआ।
आग का विशाल गोला पूरे जहाज़ को अपनी लपटों में निगल गया। लोहे की मोटी-मोटी चादरें हवा में उड़ने लगीं। चारों तरफ धुएँ का काला गुबार और लोगों की दर्दनाक चीखें समुद्र की लहरों में गूँज उठीं।
विस्फोट की भयंकर लहर ने पूरे समुद्र को हिला दिया।
लेकिन ठीक उसी पल...
ओशन बिना पीछे देखे दौड़ा और जहाज़ के किनारे से समुद्र की ओर छलांग लगा दी।
उसके पीछे उसके सभी आदमी भी एक-एक करके कूद गए।
कुछ ही दूरी पर उनका हेलीकॉप्टर समुद्र के ऊपर बेहद नीचे उड़ रहा था।
ओशन ने हवा में ही सही समय का अंदाज़ा लगाया और एक हाथ से हेलीकॉप्टर की लटकती रस्सी पकड़ ली।
उसके हाथ की नसें तन गईं, लेकिन उसकी पकड़ ज़रा भी ढीली नहीं हुई।
एक-एक करके उसके सभी आदमी भी रस्सियों को पकड़कर ऊपर चढ़ने लगे।
अगले ही पल हेलीकॉप्टर तेज़ी से ऊपर उठा।
नीचे...
पूरा जहाज़ आग के समंदर में बदल चुका था।
धुएँ के बीच खड़ा ओशन का चेहरा बिल्कुल शांत था, जैसे अभी-अभी उसने मौत को अपनी आँखों के सामने हराया हो।
उसने जलते हुए जहाज़ पर आखिरी नज़र डाली और धीमी, मगर खतरनाक आवाज़ में कहा,
"Game... अभी शुरू हुआ है। जिसने मुझे इस जाल में फँसाने की कोशिश की है... अब उसकी बारी है।"
हेलीकॉप्टर रात के अँधेरे को चीरता हुआ उस रहस्यमयी चौथे कार्गो शिप की दिशा में बढ़ गया... जहाँ असली कंटेनर उनका इंतज़ार कर रहा था।
पहले कार्गो शिप के जलने की आग अब भी समुद्र की काली लहरों पर साफ दिखाई दे रही थी।
हेलीकॉप्टर रात के अंधेरे को चीरता हुआ तेज़ी से आगे बढ़ रहा था। अंदर बैठे हर आदमी के चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था।
पायलट ने हेडसेट पर कहा, "Boss... सामने चौथा कार्गो शिप दिखाई दे रहा है।"
ओशन ने दूर समुद्र के बीच चलते उस विशाल जहाज़ को देखा। उसकी ठंडी निगाहें एक पल के लिए भी उससे नहीं हटीं।
"लाइट्स बंद कर दो... कोई नहीं जानना चाहिए कि हम आ रहे हैं।"
"Yes, Boss."
अगले ही पल हेलीकॉप्टर की सारी बाहरी लाइटें बंद हो गईं। अब वह अंधेरे में एक साए की तरह आगे बढ़ रहा था।
कुछ ही मिनटों में हेलीकॉप्टर जहाज़ के ऊपर पहुँच गया।
"Ropes... Down."
मोटी रस्सियाँ नीचे छोड़ी गईं।
सबसे पहले ओशन नीचे उतरा। उसके पीछे उसके सभी आदमी बिना आवाज़ किए डेक पर उतर गए।
पूरा जहाज़ असामान्य रूप से शांत था।
न कोई गार्ड...
न कोई क्रू...
सिर्फ़ समुद्र की लहरों की आवाज़।
ओशन की आँखें सिकुड़ गईं।
"कुछ गड़बड़ है..."
तभी...
टक... टक... टक...
लोहे के कंटेनरों के पीछे से किसी के कदमों की आवाज़ आई।
ओशन ने बिना देर किए अपनी पिस्तौल उसी दिशा में तान दी।
लेकिन अगले ही पल...
चारों तरफ़ अचानक सैकड़ों लाल लेज़र डॉट्स उनके शरीर पर आकर टिक गए।
ऊपर लगे कंटेनरों के बीच से दर्जनों स्नाइपर्स बाहर आ चुके थे।
साथ ही चारों दिशाओं से हथियारबंद लोग निकल आए।
कुछ ही सेकंड में ओशन और उसके आदमी पूरी तरह घिर चुके थे।
तभी लाउडस्पीकर पर एक भारी, रहस्यमयी आवाज़ गूँजी—
"Welcome, Ocean..."
"तुम्हें यहाँ तक लाने के लिए एक पूरा जहाज़ उड़ाना पड़ा... लेकिन तुम फिर भी बच गए।"
कुछ पल की ख़ामोशी के बाद वही आवाज़ फिर गूँजी—
"अब देखते हैं... क्या तुम अपने लोगों को बचा पाते हो... या उस कंटेनर में बंद उन मासूम लड़कियों को..."
ओशन की नज़र तुरंत सबसे पीछे रखे एक विशाल कंटेनर पर गई।
अंदर से...
ठक... ठक... ठक...
किसी के ज़ोर-ज़ोर से दरवाज़ा पीटने की आवाज़ आ रही थी।
और फिर...
एक लड़की की काँपती हुई चीख़ सुनाई दी—
"Please... कोई हमें बचा लो...!"
ओशन की मुट्ठियाँ कस गईं।
उसकी आँखों में अब सिर्फ़ एक ही चीज़ थी...
ख़तरनाक गुस्सा।
और सामने छिपा दुश्मन शायद नहीं जानता था कि उसने इस बार शैतान को नहीं, बल्कि मौत को ललकार दिया है।
Well aaj ke liye bass itna hi ...
Thank you , so much ...
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Plz..
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Radha Radha 🙏🙏
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